1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

क्योंकि वह अब अवध के वाजिद अली शाह की संपति है।’’ इसके बाद विद्रोहियों ने अंगे्रजों को नौकाएं दिलवाई, उन्हें पैसा दिया और फिर सिपाहियों से विदा लेकर वे सारे अधिकारी नौकाओं में बैठ घाघरा नदी से चले गए। 9 जून का प्रातः फैजाबाद स्वतंत्र हो गया और कंपनी का राज वहां समाप्त करके वाजिद अली शाह का राज शुरू हो जाने की डोंड़ी पीटी गई।

जिन चार नौकाओं में बैठकर अंगे्रज जा रहे थे उनपर 17वीं रेजिमेंट की नजर पड़ी।


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क्योंकि वह अब अवध के वाजिद अली शाह की संपति है।’’ इसके बाद विद्रोहियों ने अंगे्रजों को नौकाएं दिलवाई, उन्हें पैसा दिया और फिर सिपाहियों से विदा लेकर वे सारे अधिकारी नौकाओं में बैठ घाघरा नदी से चले गए। 9 जून का प्रातः फैजाबाद स्वतंत्र हो गया और कंपनी का राज वहां समाप्त करके वाजिद अली शाह का राज शुरू हो जाने की डोंड़ी पीटी गई।

जिन चार नौकाओं में बैठकर अंगे्रज जा रहे थे उनपर 17वीं रेजिमेंट की नजर पड़ी।


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