पलटन में सुरक्षित पहुंच गया। अपने घर में छिपे अंगे्रजांे के स्त्री-बच्चों की कैसे रक्षा करें, यह चिंता राजा मान सिंह को थी। तभी बहुत से अंगे्रज पुरूष भी वहां आश्रय के लिए आ गए। मान सिंह उस समय अवध में था। उसने लिख भेजा कि मैंने विद्रोहियों को यह समझा दिया है कि यदि अंगे्रज स्त्री-बच्चों को रखने की अनुमति आप देंगे तो अंगे्रज पुरूषों को मैं आश्रय नहीं दूंगा। इस शर्त का पालन मान सिंह करता है या नहीं,
पलटन में सुरक्षित पहुंच गया। अपने घर में छिपे अंगे्रजांे के स्त्री-बच्चों की कैसे रक्षा करें, यह चिंता राजा मान सिंह को थी। तभी बहुत से अंगे्रज पुरूष भी वहां आश्रय के लिए आ गए। मान सिंह उस समय अवध में था। उसने लिख भेजा कि मैंने विद्रोहियों को यह समझा दिया है कि यदि अंगे्रज स्त्री-बच्चों को रखने की अनुमति आप देंगे तो अंगे्रज पुरूषों को मैं आश्रय नहीं दूंगा। इस शर्त का पालन मान सिंह करता है या नहीं,