ऐसा भी नहीं। अपने-अपने अनुयायियों को लेकर उन्होंने खुला रण किया और अंगे्रजों को हिंदुस्थान से भगा देने के पहले आराम नहीं करना है, उन्होंने ऐसी प्रतिज्ञा की। परंतु इस वीरोचित स्वतंत्रता-प्राप्ति के साथ ही वीरोचित उदारता दिखाने में भी उन्होंने कमी नहीं की। लोक समाज बिना रूके गुस्से में काटता चल रहा था, तब भी उन्होंने अंगे्रज स्त्री-बच्चों को सम्मान देकर अपूर्व दयाशीलता
1857 का स्वातंत्र्य समर - 213
ऐसा भी नहीं। अपने-अपने अनुयायियों को लेकर उन्होंने खुला रण किया और अंगे्रजों को हिंदुस्थान से भगा देने के पहले आराम नहीं करना है, उन्होंने ऐसी प्रतिज्ञा की। परंतु इस वीरोचित स्वतंत्रता-प्राप्ति के साथ ही वीरोचित उदारता दिखाने में भी उन्होंने कमी नहीं की। लोक समाज बिना रूके गुस्से में काटता चल रहा था, तब भी उन्होंने अंगे्रज स्त्री-बच्चों को सम्मान देकर अपूर्व दयाशीलता
1857 का स्वातंत्र्य समर - 213