1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

शंका ही थी।’’ सर हेनरी ने लाॅर्ड केनिंग को आशंकित मन से 13 जून को यह सूचित किया था। 28 जून का लखनऊ समाचार मिला कि कानपुर में एक भी अंगे्रज जीवित नहीं बचा। विजय से उत्साहित होकर विद्रोही अंगे्रजों पर हमला करते चिनहट तक आ पहुंचे।

कानपुर में अंगे्रजों की इस भारी पराजय से अंगे्रजी सŸाा जड़ से डगमगाने लगी थी। इस पराजय का किसी भी तरह बदला लिये बिना न सिर्फ लखनऊ की रेजिडेंसी अपितु कलकŸाा के फोर्ट विलियम का जीवन भी सुरक्षित रहना कठिन है,


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शंका ही थी।’’ सर हेनरी ने लाॅर्ड केनिंग को आशंकित मन से 13 जून को यह सूचित किया था। 28 जून का लखनऊ समाचार मिला कि कानपुर में एक भी अंगे्रज जीवित नहीं बचा। विजय से उत्साहित होकर विद्रोही अंगे्रजों पर हमला करते चिनहट तक आ पहुंचे।

कानपुर में अंगे्रजों की इस भारी पराजय से अंगे्रजी सŸाा जड़ से डगमगाने लगी थी। इस पराजय का किसी भी तरह बदला लिये बिना न सिर्फ लखनऊ की रेजिडेंसी अपितु कलकŸाा के फोर्ट विलियम का जीवन भी सुरक्षित रहना कठिन है,


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