यह जानकर सर हेनरी लाॅरेंस ने कानपुर का अपमान विद्रोहियों के रक्त से धो डालने का निश्चय किया। 39 जून को प्रातः ही अंगे्रजी सेना लोहा पुल के पास एकत्र हुई। लगभग चार सौ अंगे्रज सोल्जर, चार सौ नेटिव राजनिष्ठ सिपाही और दस तोपों की चुनी हुई सेना लेकर सर हेनरी लखनऊ से निकला। चलते-चलते काफी आगे आ गया तो भी शत्रु दिखाई न दिया। परंतु अंत में शत्रु का सामना दिखने लगा। विद्रोहियों का सामना दिखते ही अपने दाएं हाथ
यह जानकर सर हेनरी लाॅरेंस ने कानपुर का अपमान विद्रोहियों के रक्त से धो डालने का निश्चय किया। 39 जून को प्रातः ही अंगे्रजी सेना लोहा पुल के पास एकत्र हुई। लगभग चार सौ अंगे्रज सोल्जर, चार सौ नेटिव राजनिष्ठ सिपाही और दस तोपों की चुनी हुई सेना लेकर सर हेनरी लखनऊ से निकला। चलते-चलते काफी आगे आ गया तो भी शत्रु दिखाई न दिया। परंतु अंत में शत्रु का सामना दिखने लगा। विद्रोहियों का सामना दिखते ही अपने दाएं हाथ