लखनऊ की ओर भाग खड़ी हुई। चार सौ सोल्जरों में से डेढ़ सौ सोल्जर उस दिन खेत रहे। नेटिव राजनिष्ठों की तो कोई गिनती नहीं। दो तोपें और एक बड़ी हाविट्जर तोप अंगेजों ने मैदान में ही छोड़ दी। कानपुर का बदला भी उन्हें रणांगण में छोड़ना पड़ा। इस तरह मार खाते-खाते सर हेनरी लाॅरेंस लखनऊ की रेजिडेंसी मंे घुस रहा था, तब भी शत्रु उसके पीछे ही था। रेजिडेंसी की सुरक्षा के लिए रखी गई तोपों की सुरक्षा में जब अंगे्रजी राजनिष्ठ
लखनऊ की ओर भाग खड़ी हुई। चार सौ सोल्जरों में से डेढ़ सौ सोल्जर उस दिन खेत रहे। नेटिव राजनिष्ठों की तो कोई गिनती नहीं। दो तोपें और एक बड़ी हाविट्जर तोप अंगेजों ने मैदान में ही छोड़ दी। कानपुर का बदला भी उन्हें रणांगण में छोड़ना पड़ा। इस तरह मार खाते-खाते सर हेनरी लाॅरेंस लखनऊ की रेजिडेंसी मंे घुस रहा था, तब भी शत्रु उसके पीछे ही था। रेजिडेंसी की सुरक्षा के लिए रखी गई तोपों की सुरक्षा में जब अंगे्रजी राजनिष्ठ