का मुख्य लेफ्टिनेंट गर्वनर सर कोलविन हर पल मृत्यु के आगमन की राह देखते कांपता खड़ा हुआ था। मेरठ के विद्रोह से प्रभावित सिपाहियों को उसने राजनिष्ठा पर एक व्याख्यान दिया था और माफीनामे की घोषणा भी की थी। माफीनामा! उससे माफी मांगने आगे आनेवाला एक भी गरीब सिपाही उसे नहीं मिला। इतना ही नहीं, उसके माफीनामें के उŸार में उन्हांेने 5 जुलाई को आगरा पर हमला किया। नसीराबाद और नीमच की विद्रोही रेजिमेंट आगरा पर आक्रमण
का मुख्य लेफ्टिनेंट गर्वनर सर कोलविन हर पल मृत्यु के आगमन की राह देखते कांपता खड़ा हुआ था। मेरठ के विद्रोह से प्रभावित सिपाहियों को उसने राजनिष्ठा पर एक व्याख्यान दिया था और माफीनामे की घोषणा भी की थी। माफीनामा! उससे माफी मांगने आगे आनेवाला एक भी गरीब सिपाही उसे नहीं मिला। इतना ही नहीं, उसके माफीनामें के उŸार में उन्हांेने 5 जुलाई को आगरा पर हमला किया। नसीराबाद और नीमच की विद्रोही रेजिमेंट आगरा पर आक्रमण