1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar



यत्र-तत्र तात्या टोपे 404

3. समारोप 419


भाग-9

ज्वालामुखी


प्रकरण -9

स्वधर्म और स्वराज्य

धर्मासाठी मरावे, मरोनि अवघ्यांसी मारावें।

मारिता मारित घ्यावें, राज्य आपुलें।।

-स्वामी रामदास

अर्थात्-

धर्म हेतु मरें, मरते हुए सारों को मारें;

मारते-मारते जीतें, राज्य अपना।

कोई छोटा सा घर बनाना तो भी इतनी मजबूत नींव तो बनाई ही जाती है कि वह उसका भार सह सके। नींव मजबूत और घर का भार संभालने


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यत्र-तत्र तात्या टोपे 404

3. समारोप 419


भाग-9

ज्वालामुखी


प्रकरण -9

स्वधर्म और स्वराज्य

धर्मासाठी मरावे, मरोनि अवघ्यांसी मारावें।

मारिता मारित घ्यावें, राज्य आपुलें।।

-स्वामी रामदास

अर्थात्-

धर्म हेतु मरें, मरते हुए सारों को मारें;

मारते-मारते जीतें, राज्य अपना।

कोई छोटा सा घर बनाना तो भी इतनी मजबूत नींव तो बनाई ही जाती है कि वह उसका भार सह सके। नींव मजबूत और घर का भार संभालने


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