तक उन्होंने उनकी सुरक्षा की। महाराज होलकर अंगे्रजों के अनुकूल थे या प्रतिकूल, यह सिद्ध करने का प्रयास अंगे्रज गं्रथकार बहुत करते हैं, परंतु सन् 1857 की स्थिति और 1857 का इतिहास थोड़ी गहराई से देखनेवाले को यह तुरंत समझ में आ जाएगा कि अधिकतर नेटिव रियासतों ने उस क्रांति मंे ऐसा संशय का व्यवहार जान-बूझकर किया था। मनुष्य के हृदय में प्राकृतिक रूप से बैठी स्वतंत्रता की इच्छा उनमें मनुष्यता के साथ ही थी।
तक उन्होंने उनकी सुरक्षा की। महाराज होलकर अंगे्रजों के अनुकूल थे या प्रतिकूल, यह सिद्ध करने का प्रयास अंगे्रज गं्रथकार बहुत करते हैं, परंतु सन् 1857 की स्थिति और 1857 का इतिहास थोड़ी गहराई से देखनेवाले को यह तुरंत समझ में आ जाएगा कि अधिकतर नेटिव रियासतों ने उस क्रांति मंे ऐसा संशय का व्यवहार जान-बूझकर किया था। मनुष्य के हृदय में प्राकृतिक रूप से बैठी स्वतंत्रता की इच्छा उनमें मनुष्यता के साथ ही थी।