आंखें लग गई थी। पंरतु मध्यांतर में कुछ भी महŸवपूर्ण समाचार ज्ञात न होने से फिर से सबको सुरक्षित लगने लगा। तारीख 11 जून को पार्लियामेंट में हाउस आॅफ काॅमंस में कुछ सदस्यों के पूछे प्रश्नों पर पे्रसीडेंट बोर्ड आॅफ काॅमर्स के प्रमुख अधिकारी ने कहा-‘‘बंगाल में हाल में घटित असंतोष से लोगों को घबराने का अब कोई कारण नहीं रह गया है। क्योंकि अपने आदरणीय और अभिजात मित्र लाॅर्ड द्वारा दर्शाई गई तत्परता, कड़ाई और तुरत-फुरत कार्यवाही से सेना में
आंखें लग गई थी। पंरतु मध्यांतर में कुछ भी महŸवपूर्ण समाचार ज्ञात न होने से फिर से सबको सुरक्षित लगने लगा। तारीख 11 जून को पार्लियामेंट में हाउस आॅफ काॅमंस में कुछ सदस्यों के पूछे प्रश्नों पर पे्रसीडेंट बोर्ड आॅफ काॅमर्स के प्रमुख अधिकारी ने कहा-‘‘बंगाल में हाल में घटित असंतोष से लोगों को घबराने का अब कोई कारण नहीं रह गया है। क्योंकि अपने आदरणीय और अभिजात मित्र लाॅर्ड द्वारा दर्शाई गई तत्परता, कड़ाई और तुरत-फुरत कार्यवाही से सेना में