की गर्जना करते हुए हमारा कत्लेआम किया।
कत्लेआम भयंकर पाप है। मनुष्य जाति के अंतिम सौंदर्य ईश्वर के अवतार द्वारा देवदूतों द्वारा और धर्मगुरूओं द्वारा प्रवर्तित अति उच्चा भविष्य जब वर्तमान होकर जिस समय न्यायसवस्था में जा पहुंचेगा, जब सत्य के पहले ‘अ’ निषेध-प्रत्यय कभी नहीं लगाया जाएगा और जब एक गाल पर मारने पर दूसरा गाल आगे कर, ऐसे यीशु के शांतिबोध को, पहले गाल पर मारनेवाला कोई न बचने के कारण, असंभवता
की गर्जना करते हुए हमारा कत्लेआम किया।
कत्लेआम भयंकर पाप है। मनुष्य जाति के अंतिम सौंदर्य ईश्वर के अवतार द्वारा देवदूतों द्वारा और धर्मगुरूओं द्वारा प्रवर्तित अति उच्चा भविष्य जब वर्तमान होकर जिस समय न्यायसवस्था में जा पहुंचेगा, जब सत्य के पहले ‘अ’ निषेध-प्रत्यय कभी नहीं लगाया जाएगा और जब एक गाल पर मारने पर दूसरा गाल आगे कर, ऐसे यीशु के शांतिबोध को, पहले गाल पर मारनेवाला कोई न बचने के कारण, असंभवता