1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

से गुजरते ब्राह्यण ने दूध पिलाकर उन्हें होश में लाने का उपक्रम किया। फाॅरेस्ट ने माना है कि अवध ने-जिस अवध के कलेजे में अंगे्रजों ने अपने अत्याचार की छुरी घृणास्पद रीति से घोंपी थी, उस अवध के कलेजे में अंगे्रजों ने अपने अत्याचार भूलकर उनके पलायन में अतुल्य उदारता दर्शाई । विद्रोहियांे के घोषणापत्र में उनके नेताओं ने अपने संतप्त अनुयायियों को कहा था कि स्थान-स्थान पर-स्त्री एवं बाल हत्या से अपने पवित्र काम में हानि होगी। नीमच,


1094 of 2102

से गुजरते ब्राह्यण ने दूध पिलाकर उन्हें होश में लाने का उपक्रम किया। फाॅरेस्ट ने माना है कि अवध ने-जिस अवध के कलेजे में अंगे्रजों ने अपने अत्याचार की छुरी घृणास्पद रीति से घोंपी थी, उस अवध के कलेजे में अंगे्रजों ने अपने अत्याचार भूलकर उनके पलायन में अतुल्य उदारता दर्शाई । विद्रोहियांे के घोषणापत्र में उनके नेताओं ने अपने संतप्त अनुयायियों को कहा था कि स्थान-स्थान पर-स्त्री एवं बाल हत्या से अपने पवित्र काम में हानि होगी। नीमच,


1094 of 2102