अत्याचारी को ऐसा लगा कि कुछ भी शिकायत न करते हुए अन्याय सहता यह हमेशा का सरल पृष्ठ है, इसलिए अत्याचारी ने अपना कदम उसपर बिना हिचक रखा, तभी वह काला पृष्ठ है, इसलिए अत्याचारी ने अपना कदम उसपर बिना हिचक रखा, तभी वह काला पृष्ठ भाग हिलने लगा! तब अत्याचारी अन्याय ने गर्व से उस भू-पृष्ठ पर और जोर से पैर रखा। और अब ध्यान से देखें। वह भू-पृष्ठ झुक गया और उसके नीचे लहरों-पर-लहरें उठने लगीं, रक्त के झाग को असीम
अत्याचारी को ऐसा लगा कि कुछ भी शिकायत न करते हुए अन्याय सहता यह हमेशा का सरल पृष्ठ है, इसलिए अत्याचारी ने अपना कदम उसपर बिना हिचक रखा, तभी वह काला पृष्ठ है, इसलिए अत्याचारी ने अपना कदम उसपर बिना हिचक रखा, तभी वह काला पृष्ठ भाग हिलने लगा! तब अत्याचारी अन्याय ने गर्व से उस भू-पृष्ठ पर और जोर से पैर रखा। और अब ध्यान से देखें। वह भू-पृष्ठ झुक गया और उसके नीचे लहरों-पर-लहरें उठने लगीं, रक्त के झाग को असीम