जंगली परंपरा चालू करने के लिए भी नहीं था। हिंदुस्थान के बादशाह के पद पर बूढ़े बहादुरशाह को बैठाना-संकुचित अर्थ मंे परंपरागत तख्त पर मुगल सत्ता स्थापित करना लग सकता था, पर व्यापक अर्थ में और सत्यार्थ में देखें तो वैसा नहीं था। पुरानी मुगल सत्ता इस देश के लोगों ने स्वयं नहीं चुनी थी। हिंदुस्थान पर विजय भावना और आक्रामक वृत्ति से एवं स्वाभिमानशून्य देशद्रोही कार्यवाहियों के कारण वह मुगल सत्ता पर हमपर जबरन
जंगली परंपरा चालू करने के लिए भी नहीं था। हिंदुस्थान के बादशाह के पद पर बूढ़े बहादुरशाह को बैठाना-संकुचित अर्थ मंे परंपरागत तख्त पर मुगल सत्ता स्थापित करना लग सकता था, पर व्यापक अर्थ में और सत्यार्थ में देखें तो वैसा नहीं था। पुरानी मुगल सत्ता इस देश के लोगों ने स्वयं नहीं चुनी थी। हिंदुस्थान पर विजय भावना और आक्रामक वृत्ति से एवं स्वाभिमानशून्य देशद्रोही कार्यवाहियों के कारण वह मुगल सत्ता पर हमपर जबरन