इस्लाम को स्वीकार करते ही आक्रमण वृत्ति और पश्चिम मंे आक्रमण करके प्रदेश को पदाक्रांत किया था। कहीं उनका प्रतिकार हुआ ही नहीं, इस कारण देश के बाद देश, एक मानव जाति के बाद दूसरी मानव जाति को जबरन मुलसमान बनाते इस्लामी सत्ता दौड़ती चली। इस अविरोध आंधी का पहले-पहल किसी भी तरह का समझौता न करते महान् पराक्रम और निर्भयतापूर्ण निश्चय से किसी ने विरोध किया हो तो वह भारत ने ही किया था। अन्य राष्ट्रों के इतिहास
इस्लाम को स्वीकार करते ही आक्रमण वृत्ति और पश्चिम मंे आक्रमण करके प्रदेश को पदाक्रांत किया था। कहीं उनका प्रतिकार हुआ ही नहीं, इस कारण देश के बाद देश, एक मानव जाति के बाद दूसरी मानव जाति को जबरन मुलसमान बनाते इस्लामी सत्ता दौड़ती चली। इस अविरोध आंधी का पहले-पहल किसी भी तरह का समझौता न करते महान् पराक्रम और निर्भयतापूर्ण निश्चय से किसी ने विरोध किया हो तो वह भारत ने ही किया था। अन्य राष्ट्रों के इतिहास