मित्रता जोड़नेवाले लखनऊ के नवाब को जैसा दंड मिला वैसा ही
1857 का स्वातंत्र्य समर - 237
उसको मिलेगा। इसलिए इसके बाद सारे हिंदू और मुसलमान-अंगे्रजों से चल रहे इस झगड़े में इकट्ठे आकर अपने किसी भी आदरणीय नेता की नीति पर चलने को तैयार हो जाएं। इस तरह देश में शांति और सुव्यवस्था स्थापित करने में हमारी सहायता करें। गरीब लोगों को संतुष्ट रखने के लिए प्रयास करें और उनको अधिक अधिकार व प्रतिष्ठा प्राप्त करने का अवसर उपलब्ध कराएं। जिस-जिसको संभव हो,
मित्रता जोड़नेवाले लखनऊ के नवाब को जैसा दंड मिला वैसा ही
1857 का स्वातंत्र्य समर - 237
उसको मिलेगा। इसलिए इसके बाद सारे हिंदू और मुसलमान-अंगे्रजों से चल रहे इस झगड़े में इकट्ठे आकर अपने किसी भी आदरणीय नेता की नीति पर चलने को तैयार हो जाएं। इस तरह देश में शांति और सुव्यवस्था स्थापित करने में हमारी सहायता करें। गरीब लोगों को संतुष्ट रखने के लिए प्रयास करें और उनको अधिक अधिकार व प्रतिष्ठा प्राप्त करने का अवसर उपलब्ध कराएं। जिस-जिसको संभव हो,