बुंदेल की सराय की लड़ाई के बाद अंगे्रजी सेना को आगे की सैनिक कार्यवाही करने के लिए बहुत उचित स्थान मिल गए थे। दिल्ली की चारदीवारी के एक छोर तक आकर भिड़ी और यमुना नदी के आगे चार मील तक दूर फैली हुई टेकरियों की एक श्रृंखला थी-अंगे्रज जिसे त्पकहम कहते हैं-उन टेकरियों की प्राकृतिक ऊचाई युद्ध की दृष्टि से बहुत लाभदायक थी। पासस-पड़ोस के समतल प्रदेश की अपेक्षा टेकरियों की ऊंचाई पचास-साठ फीट होने से वहां से
बुंदेल की सराय की लड़ाई के बाद अंगे्रजी सेना को आगे की सैनिक कार्यवाही करने के लिए बहुत उचित स्थान मिल गए थे। दिल्ली की चारदीवारी के एक छोर तक आकर भिड़ी और यमुना नदी के आगे चार मील तक दूर फैली हुई टेकरियों की एक श्रृंखला थी-अंगे्रज जिसे त्पकहम कहते हैं-उन टेकरियों की प्राकृतिक ऊचाई युद्ध की दृष्टि से बहुत लाभदायक थी। पासस-पड़ोस के समतल प्रदेश की अपेक्षा टेकरियों की ऊंचाई पचास-साठ फीट होने से वहां से