(शत वर्षीय) दिन उदय होते ही क्रांतिकारियों की टुकड़ियां शहर के लाहौरी दरवाजे से बाहर निकलने लगी।
अंग्रेजी को भी जिस भयानक संकट का सामना पड़ना है, इसकी पूरी-पूरी जानकारी थी, इसलिए वे रात से ही युद्ध की तैयारी में लगे हुए थे और उन्होंने अपनी सैनिक व्यूह रचना पूरी कर रखी थी। इतना ही नहीं, इस भयानक संकट की जानकारी उन्हें पूर्व में ही हो जाने से उन्हांेने कुछ दिन पूर्व ही पंजाब सरकार से सेना की कुमुक मंगा
(शत वर्षीय) दिन उदय होते ही क्रांतिकारियों की टुकड़ियां शहर के लाहौरी दरवाजे से बाहर निकलने लगी।
अंग्रेजी को भी जिस भयानक संकट का सामना पड़ना है, इसकी पूरी-पूरी जानकारी थी, इसलिए वे रात से ही युद्ध की तैयारी में लगे हुए थे और उन्होंने अपनी सैनिक व्यूह रचना पूरी कर रखी थी। इतना ही नहीं, इस भयानक संकट की जानकारी उन्हें पूर्व में ही हो जाने से उन्हांेने कुछ दिन पूर्व ही पंजाब सरकार से सेना की कुमुक मंगा