क्रांतिकारी निरंतर लड़ते ही रहे और बाद में हम ही जीते हैं, ऐसा कहते दोनों ही पक्ष की सेनाएं अपनी-अपनी शूरता और धीरज की प्रशंसा करते अपने तल पर लौट पड़ी।
जैसे-जैसे दिन हो रहे थे वैसे-वैसे नए सैनिक पथक दोनों पक्षों को मिलते गए। पंजाब से निरंतर सैनिक भरती होते जाने से इस समय अंगे्रजों की ओर सैनिकों की संख्या 7 हजार से अधिक हो गई थी। दूसरी ओर रूहेलखं डमें विद्रोह कर उठे सिपाहियों की पलटन बख्त खान के नेतृत्व
क्रांतिकारी निरंतर लड़ते ही रहे और बाद में हम ही जीते हैं, ऐसा कहते दोनों ही पक्ष की सेनाएं अपनी-अपनी शूरता और धीरज की प्रशंसा करते अपने तल पर लौट पड़ी।
जैसे-जैसे दिन हो रहे थे वैसे-वैसे नए सैनिक पथक दोनों पक्षों को मिलते गए। पंजाब से निरंतर सैनिक भरती होते जाने से इस समय अंगे्रजों की ओर सैनिकों की संख्या 7 हजार से अधिक हो गई थी। दूसरी ओर रूहेलखं डमें विद्रोह कर उठे सिपाहियों की पलटन बख्त खान के नेतृत्व