1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

से और क्षोभ की आंधी के कारण एक जगह पर आए हजारों सिपाही एकत्र रह ही नहीं सकते थे। शहर की लूटमार और आपाधापी रोकने बादशाह और उसके सलाहकार मंत्रिगण यद्यपि लगातार प्रयत्न कर रहे थे और उपदेशा भी कर रहे थे तब भी हर दिन सिपाहियों की लूटमार, आपाधापी और दंगल मचाने के समाचार आ ही रहे थे। क्रांतिकारियों में ऐसा होना स्वाभाविक होता है।


1857 का स्वातंत्र्य समर - 243

ऐसी परिस्थिति में इन असंख्य और भिन्न-भिन्न


1167 of 2102

से और क्षोभ की आंधी के कारण एक जगह पर आए हजारों सिपाही एकत्र रह ही नहीं सकते थे। शहर की लूटमार और आपाधापी रोकने बादशाह और उसके सलाहकार मंत्रिगण यद्यपि लगातार प्रयत्न कर रहे थे और उपदेशा भी कर रहे थे तब भी हर दिन सिपाहियों की लूटमार, आपाधापी और दंगल मचाने के समाचार आ ही रहे थे। क्रांतिकारियों में ऐसा होना स्वाभाविक होता है।


1857 का स्वातंत्र्य समर - 243

ऐसी परिस्थिति में इन असंख्य और भिन्न-भिन्न


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