1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

नामवर नेता भी उपस्थित थे। रूहेलखंड की सेना के सेनापति मोहम्मद बख्त खान ने बादशाह को अपनी सेवाएं स्वीकार कर लेने का निवेदन किया। बादशाह को उसकी क्या इच्छा है, यह कहन का बख्त खान ने जब आग्रह किया तब बादशाह ने कहा, ‘लोगों को पूरी सुरक्षा मिले, उनकी जान और माल की हिफाजत हो और अंगे्रज शत्रु को नष्ट करने का कार्य सफलता से पार पड़े, यह मेरी तीव्र इच्छा है।’ उसपर सेनापति ने कहा कि आपकी इच्छा हो तो क्रांतिकारी


1171 of 2102

नामवर नेता भी उपस्थित थे। रूहेलखंड की सेना के सेनापति मोहम्मद बख्त खान ने बादशाह को अपनी सेवाएं स्वीकार कर लेने का निवेदन किया। बादशाह को उसकी क्या इच्छा है, यह कहन का बख्त खान ने जब आग्रह किया तब बादशाह ने कहा, ‘लोगों को पूरी सुरक्षा मिले, उनकी जान और माल की हिफाजत हो और अंगे्रज शत्रु को नष्ट करने का कार्य सफलता से पार पड़े, यह मेरी तीव्र इच्छा है।’ उसपर सेनापति ने कहा कि आपकी इच्छा हो तो क्रांतिकारी


1171 of 2102