दिए गए और सर जाॅन के कहता है कि उस बहादुर सिपाही को भी ‘बहादुर शाह क्राॅस’ मिलना चाहिए था। उस स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए, हुतात्मा हुए कितने ही वीर ‘बहादुर शाह चक्र प्रत्यक्ष मृत्यु देवता की ओर से मिलने का सौभाग्य उन्हें मिलता है, यह बात सत्य थी! उस दिन अंगे्रजी सिपाहियों का अपमान भरा पराभाव हुआ, पर इसका प्रतिशोध क्रांतिकारियों से ले न सकने के कारण वे शूर अंगे्रज अपनी छावनी में लौट गए और वह प्रतिशोध
दिए गए और सर जाॅन के कहता है कि उस बहादुर सिपाही को भी ‘बहादुर शाह क्राॅस’ मिलना चाहिए था। उस स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए, हुतात्मा हुए कितने ही वीर ‘बहादुर शाह चक्र प्रत्यक्ष मृत्यु देवता की ओर से मिलने का सौभाग्य उन्हें मिलता है, यह बात सत्य थी! उस दिन अंगे्रजी सिपाहियों का अपमान भरा पराभाव हुआ, पर इसका प्रतिशोध क्रांतिकारियों से ले न सकने के कारण वे शूर अंगे्रज अपनी छावनी में लौट गए और वह प्रतिशोध