ने उसे अपनी कार्यवाही का मुख्य शिविर बनाया। उŸार हिंदुस्थान की मुलुकी और लश्करी कार्यवाहियां कलकŸाा जैसे दूरस्थ केंद्र से करनी पड़ती थीं और उसमें धोखा था, जो इस नए केंद्र के कारण नहीं रहा। विद्रोह का शमन होने तक राजधानी इलाहाबाद में ही रखने का निर्णय लाॅर्ड केनिंग ने किया और कुछ ही दिनों में वह स्वयं इलाहाबाद रहने के लिए चला आया। परंतु तभी कानपुर के अंगे्रजों की भागम-भाग के समाचार और उनके द्वारा सहायता के लिए मचाई गई चिल्लपों सुनाई देने लगी,
ने उसे अपनी कार्यवाही का मुख्य शिविर बनाया। उŸार हिंदुस्थान की मुलुकी और लश्करी कार्यवाहियां कलकŸाा जैसे दूरस्थ केंद्र से करनी पड़ती थीं और उसमें धोखा था, जो इस नए केंद्र के कारण नहीं रहा। विद्रोह का शमन होने तक राजधानी इलाहाबाद में ही रखने का निर्णय लाॅर्ड केनिंग ने किया और कुछ ही दिनों में वह स्वयं इलाहाबाद रहने के लिए चला आया। परंतु तभी कानपुर के अंगे्रजों की भागम-भाग के समाचार और उनके द्वारा सहायता के लिए मचाई गई चिल्लपों सुनाई देने लगी,