चेंबरलेन और राॅटन जैसे रणवीरों को दिल्ली पर हमला करने की आशा छोड़ देनी पड़ी। प्रत्यक्ष मुख्यालय में, मुख्य छावनी में ही त्यागपत्र दिया और उसके स्थान पर चैथा सेनापति ब्रिगेडियर जनरल विल्सन आया, तब दिल्ली में अंगे्रजों की ऐसी करूणास्पद स्थिति हो गई थी।
1857 का स्वातंत्र्य समर - 249
प्रकरण-2
हैवलाॅक
जब सिख सिपाहियांे ने इलाहाबाद का किला क्रांतिकारियों को न सौंपकर अंगे्रजों को दे दिया, तभी से अंगे्रजों
चेंबरलेन और राॅटन जैसे रणवीरों को दिल्ली पर हमला करने की आशा छोड़ देनी पड़ी। प्रत्यक्ष मुख्यालय में, मुख्य छावनी में ही त्यागपत्र दिया और उसके स्थान पर चैथा सेनापति ब्रिगेडियर जनरल विल्सन आया, तब दिल्ली में अंगे्रजों की ऐसी करूणास्पद स्थिति हो गई थी।
1857 का स्वातंत्र्य समर - 249
प्रकरण-2
हैवलाॅक
जब सिख सिपाहियांे ने इलाहाबाद का किला क्रांतिकारियों को न सौंपकर अंगे्रजों को दे दिया, तभी से अंगे्रजों