विद्रोह के प्रत्यक्ष फूट पडत्रने के समय अंगे्रजों का ईरान से चल रहा युद्ध समाप्त हो गया और उस अभियान में लगी सारी यूरोपियन सेना हैवलाॅक जैसे सेनानी सहित हिंदुस्थान में ऐन आपात स्थिति में आ पहुंची। हैवलाॅक के इलाहाबाद में मुख्य अधिकारी होकर आ जाने से उसके अधीन काम करना पड़ेगा, यह देखकर नील के मन में यद्यपि बड़ा मत्सर जागा, फिर भी उसने सार्वजनिक कर्तव्य में
1857 का स्वातंत्र्य समर - 250
मत्सर या खेद
विद्रोह के प्रत्यक्ष फूट पडत्रने के समय अंगे्रजों का ईरान से चल रहा युद्ध समाप्त हो गया और उस अभियान में लगी सारी यूरोपियन सेना हैवलाॅक जैसे सेनानी सहित हिंदुस्थान में ऐन आपात स्थिति में आ पहुंची। हैवलाॅक के इलाहाबाद में मुख्य अधिकारी होकर आ जाने से उसके अधीन काम करना पड़ेगा, यह देखकर नील के मन में यद्यपि बड़ा मत्सर जागा, फिर भी उसने सार्वजनिक कर्तव्य में
1857 का स्वातंत्र्य समर - 250
मत्सर या खेद