दिया और उसके सहित अंगे्रज पुरूषों का गंगा किनारे भयानक कत्ल हो गया।
जीवित अवस्था में जिसे सुरक्षा प्रदान करना असंभव हुआ अब उसकी मृत्यु का निष्ठुर प्रतिशोध लेना ही होगा, ऐसी प्रबल इच्छा से हैवलाॅक इलाहाबाद से कानपुर की ओर तेजी से निकला। उसके चुने हुए एक हजार युरोपियन पैदल, सौ-डेढ़ सौ सिख, यूरोपियन घुड़सवारों की छोटी सी एक टुकड़ी और छह तोपें-इतनी सेना क्रोधित हो जान की बाजी लगाने निकली थी-नए अधिकारियों
दिया और उसके सहित अंगे्रज पुरूषों का गंगा किनारे भयानक कत्ल हो गया।
जीवित अवस्था में जिसे सुरक्षा प्रदान करना असंभव हुआ अब उसकी मृत्यु का निष्ठुर प्रतिशोध लेना ही होगा, ऐसी प्रबल इच्छा से हैवलाॅक इलाहाबाद से कानपुर की ओर तेजी से निकला। उसके चुने हुए एक हजार युरोपियन पैदल, सौ-डेढ़ सौ सिख, यूरोपियन घुड़सवारों की छोटी सी एक टुकड़ी और छह तोपें-इतनी सेना क्रोधित हो जान की बाजी लगाने निकली थी-नए अधिकारियों