उनके कारण गांव-के-गांव राख होने लगे।
रीड के अधीन एक टुकड़ी फतेहपुर की ओर आ रही है, यह समाचार करनपुर पहुंचते ही नाना साहब ने विद्रोहियों में से बहुत सी सेना उधर भेज दी। ज्वाला प्रसाद, टीका सिंह और इलाहाबाद के मौलवी के नेतृत्व में रीड में मुट्ठी भर अंगे्रजों का पहले ही प्रहार में चित करके विजयश्री के साथ तुरंत ही कानपुर लौट आएंगे, इस उत्साह से निकली विद्रोहियों की सेना फतेहपुर के पास आ पहुंची। उसी समय
उनके कारण गांव-के-गांव राख होने लगे।
रीड के अधीन एक टुकड़ी फतेहपुर की ओर आ रही है, यह समाचार करनपुर पहुंचते ही नाना साहब ने विद्रोहियों में से बहुत सी सेना उधर भेज दी। ज्वाला प्रसाद, टीका सिंह और इलाहाबाद के मौलवी के नेतृत्व में रीड में मुट्ठी भर अंगे्रजों का पहले ही प्रहार में चित करके विजयश्री के साथ तुरंत ही कानपुर लौट आएंगे, इस उत्साह से निकली विद्रोहियों की सेना फतेहपुर के पास आ पहुंची। उसी समय