अचानक रीड की टुकड़ी से हैवलाॅक की सेना आ मिली। और इस सम्मिलित अंगे्रजी सेना ने विद्रोहियों की सेना आ गई-यह सुनते ही अपनी तोपों को बŸाी दी। यह लड़ाई 12 जुलाई को हुई। रीड की टुकड़ी को बात-की-बात में नष्ट कर देंगे, इस विश्वास से विद्रोहियों द्वारा अंगे्रजी सेना पर हमला करते ही मुट्ठी भर लोगों के स्थान पर तोपखाने के साथ सर्वांगपूर्ण हैवलाॅक की गोरी सेना रणांगण में कूद आई। यह धोखा एकाएक सामने आ जाने से विद्रोहियों
अचानक रीड की टुकड़ी से हैवलाॅक की सेना आ मिली। और इस सम्मिलित अंगे्रजी सेना ने विद्रोहियों की सेना आ गई-यह सुनते ही अपनी तोपों को बŸाी दी। यह लड़ाई 12 जुलाई को हुई। रीड की टुकड़ी को बात-की-बात में नष्ट कर देंगे, इस विश्वास से विद्रोहियों द्वारा अंगे्रजी सेना पर हमला करते ही मुट्ठी भर लोगों के स्थान पर तोपखाने के साथ सर्वांगपूर्ण हैवलाॅक की गोरी सेना रणांगण में कूद आई। यह धोखा एकाएक सामने आ जाने से विद्रोहियों