ने इलाहाबाद के अंगे्रजों को विश्वासघाती पत्र लिखे हैं। सिपाहियों के कत्लेआम से जिनका अबला कहकर नाना ने बचाव किया उनकी इन गुप्त कार्यवाहियों का डंका पिट जाने पर इन कुटिल गोरी स्त्रियों का क्या किया जाए, यह महŸवपूर्ण प्रश्न उपस्थित हुआ। फतेहगढ़ अंगे्रजों ने जलाया वैसे ही यह बीबीगढ़ भी हम क्यों न जलाएं? उस दिन की खास बैठक में टीका सिंह ने कहा-‘‘ये महिलाएं कानपुर के बीबीगढ़ में ऐसे ही रहीं तो अपनी पराजय होने पर कानपुर शहर को अंग्रेज राख तो करेंगे ही,
ने इलाहाबाद के अंगे्रजों को विश्वासघाती पत्र लिखे हैं। सिपाहियों के कत्लेआम से जिनका अबला कहकर नाना ने बचाव किया उनकी इन गुप्त कार्यवाहियों का डंका पिट जाने पर इन कुटिल गोरी स्त्रियों का क्या किया जाए, यह महŸवपूर्ण प्रश्न उपस्थित हुआ। फतेहगढ़ अंगे्रजों ने जलाया वैसे ही यह बीबीगढ़ भी हम क्यों न जलाएं? उस दिन की खास बैठक में टीका सिंह ने कहा-‘‘ये महिलाएं कानपुर के बीबीगढ़ में ऐसे ही रहीं तो अपनी पराजय होने पर कानपुर शहर को अंग्रेज राख तो करेंगे ही,