पर उनके कथन के आधार पर हजारों लोग अंगे्रजों के द्वेष की बलि चढेंगे, इसलिए मेरे विचार से कानपुर से अंगे्रज भिड़ें, इसके पूर्व ही यहां की आंतरिक जानकारी देने को एक भी गोरी चमड़ी शेष न रहे।
बीबीगढ़ में जो महिलाएं थीं उनमें से कितनी ही कानपुर में दस-दस वर्ष से रह रही थी। अंगे्रजों के विरूद्व जो लड़े उनमें से बहुतेरे नागरिकों को वे नाम-पते सहित
1857 का स्वातंत्र्य समर - 252
जानती थीं। अतः उनके अस्तित्व
पर उनके कथन के आधार पर हजारों लोग अंगे्रजों के द्वेष की बलि चढेंगे, इसलिए मेरे विचार से कानपुर से अंगे्रज भिड़ें, इसके पूर्व ही यहां की आंतरिक जानकारी देने को एक भी गोरी चमड़ी शेष न रहे।
बीबीगढ़ में जो महिलाएं थीं उनमें से कितनी ही कानपुर में दस-दस वर्ष से रह रही थी। अंगे्रजों के विरूद्व जो लड़े उनमें से बहुतेरे नागरिकों को वे नाम-पते सहित
1857 का स्वातंत्र्य समर - 252
जानती थीं। अतः उनके अस्तित्व