1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

का विष भरा पात्र भंग न किया तो वह कानपुर को जीवन को हानि किए बिना चुकेगा नहीं, ऐसा इस सभा में सबका विचार बना। उस कैदखाने को बीबीगढ़ कहा जाता था, पर उसमें नाना के आदेश से बचे हुए कुछ पुरूष भी थे। उन सबको उनके विश्वासघाती पत्र ले जानेवाले जासूसों सहित मार डाला जाए, ऐसा सर्वसम्मत निश्चय कर उसे घोर रात क यह घोरतम सभा विसर्जित हुई। दूसरे दिन उन जासूसों और कैद में पड़े गोरे पुरूषों को बाहर खींचा गया। एक कतार


1208 of 2102

का विष भरा पात्र भंग न किया तो वह कानपुर को जीवन को हानि किए बिना चुकेगा नहीं, ऐसा इस सभा में सबका विचार बना। उस कैदखाने को बीबीगढ़ कहा जाता था, पर उसमें नाना के आदेश से बचे हुए कुछ पुरूष भी थे। उन सबको उनके विश्वासघाती पत्र ले जानेवाले जासूसों सहित मार डाला जाए, ऐसा सर्वसम्मत निश्चय कर उसे घोर रात क यह घोरतम सभा विसर्जित हुई। दूसरे दिन उन जासूसों और कैद में पड़े गोरे पुरूषों को बाहर खींचा गया। एक कतार


1208 of 2102