और छुरियों से कोई डेढ़ सौ गोरी महिलाएं और गोरे बच्चे काट डाले। उस जह पर रक्त की तलैया भर गई और उस रक्त में नरमांस के टुकड़े तैरने लगे। अंदर जाते समय वे खटीक जमीन पर से चलते गए और बाहर निलते समय उन्हें रक्त जल का प्रवास करना पड़ा। रात को बीबीगढ़ में अधमरांे की चिल्लाहट, मरणोन्मुखी के आर्तनाद सुनाई दे रहे थे। भोर होते ही एक-दो बच्चे ऊपर आ गए और कुएं के किनारे भागने लगे। लेकिन धक्का लगकर वे भी मरे हुओं पर
और छुरियों से कोई डेढ़ सौ गोरी महिलाएं और गोरे बच्चे काट डाले। उस जह पर रक्त की तलैया भर गई और उस रक्त में नरमांस के टुकड़े तैरने लगे। अंदर जाते समय वे खटीक जमीन पर से चलते गए और बाहर निलते समय उन्हें रक्त जल का प्रवास करना पड़ा। रात को बीबीगढ़ में अधमरांे की चिल्लाहट, मरणोन्मुखी के आर्तनाद सुनाई दे रहे थे। भोर होते ही एक-दो बच्चे ऊपर आ गए और कुएं के किनारे भागने लगे। लेकिन धक्का लगकर वे भी मरे हुओं पर