1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

यह हैवलाॅक अपनी सेना को समझा रहा था, तभी विद्रोहियों की व्यूहबद्ध सेना में एक सफेद घोड़े पर सवार होकर श्रीमंत नाना साहब आ मिले। सिपाहियों को उत्साहित करते इस छोर से उस छोर तक नाना साहब घोड़ा दौड़ते अंगे्रजों की छावनी से स्पष्ट दिख रहे थे।

दोपहर के समय अंगे्रजों का नाना के बाएं बाजू पर हमला हुआ। इस अकस्मात् और अनपेक्षित स्थान पर हुए अंगे्रजों के जोरदार हमले को रोकने के लिए विद्रोहियों की तोपें गरजने


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यह हैवलाॅक अपनी सेना को समझा रहा था, तभी विद्रोहियों की व्यूहबद्ध सेना में एक सफेद घोड़े पर सवार होकर श्रीमंत नाना साहब आ मिले। सिपाहियों को उत्साहित करते इस छोर से उस छोर तक नाना साहब घोड़ा दौड़ते अंगे्रजों की छावनी से स्पष्ट दिख रहे थे।

दोपहर के समय अंगे्रजों का नाना के बाएं बाजू पर हमला हुआ। इस अकस्मात् और अनपेक्षित स्थान पर हुए अंगे्रजों के जोरदार हमले को रोकने के लिए विद्रोहियों की तोपें गरजने


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