लगीं। अंगे्रजी तोपखाना आने में विलंब हो जाने के कारण विद्रोहियों का जोर बढ़ गया। परंतु विद्रोहियों की बढ़त देखकर क्रोधित हैवलाॅक जब फिर से एक बार चढ़ाने करने लगा-अंगे्रजी हायलैंडर्स मुंह घुमाकर सीधे तोपों पर दौड़ गए और जब एक कदम भी पीछे न रहते मृत्यु या विजय, ऐसा पक्का निश्चय कर अंगे्रजी सेना बिजली-सी टूट पड़ी तब उस एकीकृत, अनुशासित और अनपेक्षित मार को सहन करने
1857 का स्वातंत्र्य समर - 254
में पूर्णतः
लगीं। अंगे्रजी तोपखाना आने में विलंब हो जाने के कारण विद्रोहियों का जोर बढ़ गया। परंतु विद्रोहियों की बढ़त देखकर क्रोधित हैवलाॅक जब फिर से एक बार चढ़ाने करने लगा-अंगे्रजी हायलैंडर्स मुंह घुमाकर सीधे तोपों पर दौड़ गए और जब एक कदम भी पीछे न रहते मृत्यु या विजय, ऐसा पक्का निश्चय कर अंगे्रजी सेना बिजली-सी टूट पड़ी तब उस एकीकृत, अनुशासित और अनपेक्षित मार को सहन करने
1857 का स्वातंत्र्य समर - 254
में पूर्णतः