बाइबिल पढ़ने की अनुमति मंागी तब-तब वह उन्हें दी गई। परंतु दिल्ली और कानपुर मंे मरनेवालों को स्वधर्म में मरने का संतोष भी अंगे्रजों ने नहीं दिया।
फिर भी, ऐसी दुर्दशा में भी जिन्हांेने मृत्यु को सिद्धांतनिष्ठा के साथ धैर्य से मुस्कुराते हुए स्वीकारा, ऐसे धीर जनों ने कानपुर की फांसी को कुछ कम अलंकृत किया था, ऐसा नहीं। चाल्र्स बाॅल लिखता है-‘‘जनरल हैवलाॅक ने सर हो व्हीलर की मृत्यु का भयानक प्रतिशोध
बाइबिल पढ़ने की अनुमति मंागी तब-तब वह उन्हें दी गई। परंतु दिल्ली और कानपुर मंे मरनेवालों को स्वधर्म में मरने का संतोष भी अंगे्रजों ने नहीं दिया।
फिर भी, ऐसी दुर्दशा में भी जिन्हांेने मृत्यु को सिद्धांतनिष्ठा के साथ धैर्य से मुस्कुराते हुए स्वीकारा, ऐसे धीर जनों ने कानपुर की फांसी को कुछ कम अलंकृत किया था, ऐसा नहीं। चाल्र्स बाॅल लिखता है-‘‘जनरल हैवलाॅक ने सर हो व्हीलर की मृत्यु का भयानक प्रतिशोध