लेना प्रारंभ किया। नेटिव की टोलियांे-परे-टोलियां फांसी पर चढ़ने लगी। इन विद्रोहियों में से कुछ ने मृत्यु के समय जो मानसिक अचलता और धैर्य का प्रदर्शन किया वह किसी सिद्धांतप्रियता के लिए आत्मयज्ञ करनेवालों के लिए भूषणभूत होने वाला था। कानपुर के स्वदेशी मजिस्टेªटों में से जिन्होंने विद्रोह में नाना की विपुल सहायता की थी और जो फिरंगियों का कट्टर द्वेषी था, ऐसे एक मजिस्ट्रेट की जांच चलने और उसे अधम, नीच
लेना प्रारंभ किया। नेटिव की टोलियांे-परे-टोलियां फांसी पर चढ़ने लगी। इन विद्रोहियों में से कुछ ने मृत्यु के समय जो मानसिक अचलता और धैर्य का प्रदर्शन किया वह किसी सिद्धांतप्रियता के लिए आत्मयज्ञ करनेवालों के लिए भूषणभूत होने वाला था। कानपुर के स्वदेशी मजिस्टेªटों में से जिन्होंने विद्रोह में नाना की विपुल सहायता की थी और जो फिरंगियों का कट्टर द्वेषी था, ऐसे एक मजिस्ट्रेट की जांच चलने और उसे अधम, नीच