आवाजाही और पत्राचार भी शुरू थे। पटना शहर की पुलिस से पुस्तक विक्रेता तक पूरा शहर इसकी उत्सुकता से राह देख रहा था कि स्वराज्य-प्राप्ति के लिए अंगे्रजी सŸाा पर पहला वार कब पड़ता है।
उपर्युक्त गुप्त समिति का मुख्यालय पटना में था और वहां के दूरस्थ कोने-कोने तक क्रांतिकारी समिति का जाल बिछा हुआ था। शहर के प्रख्यात मौलवी उस समिति के नेता थे और उनके राज्य क्रांतिकारी उपदेशों और प्रयासों को धार्मिक ओज,
आवाजाही और पत्राचार भी शुरू थे। पटना शहर की पुलिस से पुस्तक विक्रेता तक पूरा शहर इसकी उत्सुकता से राह देख रहा था कि स्वराज्य-प्राप्ति के लिए अंगे्रजी सŸाा पर पहला वार कब पड़ता है।
उपर्युक्त गुप्त समिति का मुख्यालय पटना में था और वहां के दूरस्थ कोने-कोने तक क्रांतिकारी समिति का जाल बिछा हुआ था। शहर के प्रख्यात मौलवी उस समिति के नेता थे और उनके राज्य क्रांतिकारी उपदेशों और प्रयासों को धार्मिक ओज,