1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

मुख्य सिख उपाध्याय ने भी अपने सिख मंदिर में उन स्वधर्मद्रोही अनुयायियों को आने से साफ मना कर दिया। विदेशी सŸाा को प्रणाम करने वाले प्राणी सिर पर बड़े केश रख लें तब भी वे गुरू गोविंद सिंह के सिख धर्म के सच्चे भक्त नहीं होते-ऐसा विश्वास उस सिख गुरू का भी हो गया था। ऐसी ही धारणा मुसलमान मौलवी की और हिंदू धर्माचार्यों की हिंदू समाज के संबंध में हो गई था, इसका पटना शहर उत्कृष्ट उदाहरण है।

सिख सेना के पटना


1249 of 2102

मुख्य सिख उपाध्याय ने भी अपने सिख मंदिर में उन स्वधर्मद्रोही अनुयायियों को आने से साफ मना कर दिया। विदेशी सŸाा को प्रणाम करने वाले प्राणी सिर पर बड़े केश रख लें तब भी वे गुरू गोविंद सिंह के सिख धर्म के सच्चे भक्त नहीं होते-ऐसा विश्वास उस सिख गुरू का भी हो गया था। ऐसी ही धारणा मुसलमान मौलवी की और हिंदू धर्माचार्यों की हिंदू समाज के संबंध में हो गई था, इसका पटना शहर उत्कृष्ट उदाहरण है।

सिख सेना के पटना


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