मुख्य सिख उपाध्याय ने भी अपने सिख मंदिर में उन स्वधर्मद्रोही अनुयायियों को आने से साफ मना कर दिया। विदेशी सŸाा को प्रणाम करने वाले प्राणी सिर पर बड़े केश रख लें तब भी वे गुरू गोविंद सिंह के सिख धर्म के सच्चे भक्त नहीं होते-ऐसा विश्वास उस सिख गुरू का भी हो गया था। ऐसी ही धारणा मुसलमान मौलवी की और हिंदू धर्माचार्यों की हिंदू समाज के संबंध में हो गई था, इसका पटना शहर उत्कृष्ट उदाहरण है।
सिख सेना के पटना
मुख्य सिख उपाध्याय ने भी अपने सिख मंदिर में उन स्वधर्मद्रोही अनुयायियों को आने से साफ मना कर दिया। विदेशी सŸाा को प्रणाम करने वाले प्राणी सिर पर बड़े केश रख लें तब भी वे गुरू गोविंद सिंह के सिख धर्म के सच्चे भक्त नहीं होते-ऐसा विश्वास उस सिख गुरू का भी हो गया था। ऐसी ही धारणा मुसलमान मौलवी की और हिंदू धर्माचार्यों की हिंदू समाज के संबंध में हो गई था, इसका पटना शहर उत्कृष्ट उदाहरण है।
सिख सेना के पटना