1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

साहब के घर ससम्मान बुलाया गया। उसके अनुसार सारे लोग टेलर के बंगले पर आते ही सिखों की तलवारों के साथ टेलर वहां आया और कुछ चर्चा के बाद आमंत्रित मेहमानों को विदा भी कर दिया गया; परंतु वे तीने मौलवी जाने लगे तो उन्हें टेलर ने रोक लिया और मुस्कुराते हुए सूचित किया कि ‘वर्तमान नाजुक परिस्थिति में आपको स्वतंत्र रहने देना राज्य के लिए हानिकारक होने से आपको कैद किया जा रहा है।’ इस षड्यंत्र के बारे में ‘के’


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साहब के घर ससम्मान बुलाया गया। उसके अनुसार सारे लोग टेलर के बंगले पर आते ही सिखों की तलवारों के साथ टेलर वहां आया और कुछ चर्चा के बाद आमंत्रित मेहमानों को विदा भी कर दिया गया; परंतु वे तीने मौलवी जाने लगे तो उन्हें टेलर ने रोक लिया और मुस्कुराते हुए सूचित किया कि ‘वर्तमान नाजुक परिस्थिति में आपको स्वतंत्र रहने देना राज्य के लिए हानिकारक होने से आपको कैद किया जा रहा है।’ इस षड्यंत्र के बारे में ‘के’


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