नामक इतिहासकार कहता है-‘‘पर कोई भी सत्यवादी कृत्य यदि कोई मुसलमान अंगे्रजों के विरूद्ध करे तो उसे कुछ और नाम दिया जाता। प्रेम से कुछ सज्जनों को बुलाना, ब्रिटिश सरकार के मेहमान के रूप में उन्हें आमंत्रित करना और उनके विश्वासपूर्वक घर आने के बाद उन्हें कैद करना लगभग विश्वासघात नहीं, होता तो उन्हें मार दिया जाता।’’ फिर भी राज्य के लिए हितकारी होने के बहाने उस कृत्य की भी सब ओर प्रशंसा ही हुई और टेलर की युक्ति की सारे अंगे्रजों ने प्रशंसा की।
नामक इतिहासकार कहता है-‘‘पर कोई भी सत्यवादी कृत्य यदि कोई मुसलमान अंगे्रजों के विरूद्ध करे तो उसे कुछ और नाम दिया जाता। प्रेम से कुछ सज्जनों को बुलाना, ब्रिटिश सरकार के मेहमान के रूप में उन्हें आमंत्रित करना और उनके विश्वासपूर्वक घर आने के बाद उन्हें कैद करना लगभग विश्वासघात नहीं, होता तो उन्हें मार दिया जाता।’’ फिर भी राज्य के लिए हितकारी होने के बहाने उस कृत्य की भी सब ओर प्रशंसा ही हुई और टेलर की युक्ति की सारे अंगे्रजों ने प्रशंसा की।