कार्यालय सबमें उत्पात किया और एक छोटे से परकोटे की ओर मुंह मोड़ा। विद्रोह हो जाए तो स्व संरक्षण कर सकें इसक लिए उस शहर के धूर्त अंगे्रजों ने उस परकोटे में गोला-बारूद्ध, अस्त्र, अन्न, वस्त्र आदि सामग्री रखी हुई थी। केवल उस शहर के मुट्ठी भर अंगे्रजों को सहायता देने के लिए पटना से पचास सिखों की एक टुकड़ी भी आई हुई थी। ऐसी तैयारी से सिखों सहित पचहŸार लोग उस गढ़ी में व्यवस्था से रह रहे थे। उस गढ़ी को विद्रोही सैनिकों ने घेर लिया।
कार्यालय सबमें उत्पात किया और एक छोटे से परकोटे की ओर मुंह मोड़ा। विद्रोह हो जाए तो स्व संरक्षण कर सकें इसक लिए उस शहर के धूर्त अंगे्रजों ने उस परकोटे में गोला-बारूद्ध, अस्त्र, अन्न, वस्त्र आदि सामग्री रखी हुई थी। केवल उस शहर के मुट्ठी भर अंगे्रजों को सहायता देने के लिए पटना से पचास सिखों की एक टुकड़ी भी आई हुई थी। ऐसी तैयारी से सिखों सहित पचहŸार लोग उस गढ़ी में व्यवस्था से रह रहे थे। उस गढ़ी को विद्रोही सैनिकों ने घेर लिया।