1857 का स्वातंत्र्य समर - 37
उसके कारण विद्रोह उपजा। कारतूसों का डर या अवध का राज्य हड़पना गौण औा आकस्मिक कारण थे। इन्हीें को प्रधान कारण मानने से सन् 1857 की क्रांति का वास्तविक स्वरूप कभी भी ज्ञात नहीं हो पाएगा।
इन निमित्त कारणों को ही मूल कारण मान लें तो उसका अर्थ यह होगा कि यदि ये विशिष्ट कारण घटित या अवध का अधिग्रहण न किया गया होता तो सन् 1857 की क्रांति घटित न होती। परंतु इस प्रकार के विचार
1857 का स्वातंत्र्य समर - 37
उसके कारण विद्रोह उपजा। कारतूसों का डर या अवध का राज्य हड़पना गौण औा आकस्मिक कारण थे। इन्हीें को प्रधान कारण मानने से सन् 1857 की क्रांति का वास्तविक स्वरूप कभी भी ज्ञात नहीं हो पाएगा।
इन निमित्त कारणों को ही मूल कारण मान लें तो उसका अर्थ यह होगा कि यदि ये विशिष्ट कारण घटित या अवध का अधिग्रहण न किया गया होता तो सन् 1857 की क्रांति घटित न होती। परंतु इस प्रकार के विचार