पति-कल ही आकर हंसते-मुस्कुराते लड़ाई पर गया और आज हे भगवान! कृपा कर, अमंगल टाल। यह निवेदन परमेश्वर के घर पहुंचने के पहले ही अपयश लिये वह अंगे्रज सेना दानापुर के घाट पर आकर लगी। और तुरंत ह ी वह भयानक समाचार इधर-उधर फैला कि चार सौ पंद्रह में से कोई पचास लोग ही कुंवर सिंह की मार से बचकर जीवित लौटे हैं। एक अंगे्रज लेखक लिखता है-‘‘उस समय का महिलाओं द्वारा किया गया विलाप जिसने सुना होगा वह उसे आजीवन भूल नहीं
पति-कल ही आकर हंसते-मुस्कुराते लड़ाई पर गया और आज हे भगवान! कृपा कर, अमंगल टाल। यह निवेदन परमेश्वर के घर पहुंचने के पहले ही अपयश लिये वह अंगे्रज सेना दानापुर के घाट पर आकर लगी। और तुरंत ह ी वह भयानक समाचार इधर-उधर फैला कि चार सौ पंद्रह में से कोई पचास लोग ही कुंवर सिंह की मार से बचकर जीवित लौटे हैं। एक अंगे्रज लेखक लिखता है-‘‘उस समय का महिलाओं द्वारा किया गया विलाप जिसने सुना होगा वह उसे आजीवन भूल नहीं