1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

जब तक उस लक्ष्य को पूरा करनेवाली कोई अगली 10 मई आएगी। ओ महान् शहीदों! अपने पूत्रों के इस पवित्र संघर्ष में अपनी पे्ररणादायी उपस्थिति से हमारी मदद करो। हमारे प्राणों में भी जादू का वह मंत्र फूंक दो जिसने तुमको एकता के सूत्र में गूंद दिया था।’’ इस पैंफ्लेट के द्वारा सावरकर ने 1857 को एक मामूली सिपाही विद्रोह की छवि से बाहर निकालकर एक सुनियोजित स्वातंत्र्य यु˜ के आसन पर प्रतिष्ठित कर दिया। 1910 में सावरकर


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जब तक उस लक्ष्य को पूरा करनेवाली कोई अगली 10 मई आएगी। ओ महान् शहीदों! अपने पूत्रों के इस पवित्र संघर्ष में अपनी पे्ररणादायी उपस्थिति से हमारी मदद करो। हमारे प्राणों में भी जादू का वह मंत्र फूंक दो जिसने तुमको एकता के सूत्र में गूंद दिया था।’’ इस पैंफ्लेट के द्वारा सावरकर ने 1857 को एक मामूली सिपाही विद्रोह की छवि से बाहर निकालकर एक सुनियोजित स्वातंत्र्य यु˜ के आसन पर प्रतिष्ठित कर दिया। 1910 में सावरकर


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