1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

उन मंदिरों का देवता, उन भवनों का मालिक योद्धा कुंवर सिंह इस लड़ाई के पहले जितना अजित था उतना ही लड़ाई के बाद भी अजित ही था। राजधानी जाते ही अन्य राजा भले हार जाते हों, पर इस जगदीशपुर के महल की बात वैसी नहीं थी। वहां वह वहां उसका जगदीशपुर-ऐसी उसकी प्रतिज्ञा होने से उसे पकड़े बिना केवल जगदीशपुर पकड़कर बैठना व्यर्थ था। उसने घर खोया, पर रणांगण ही उसका घर हो गया।


1857 का स्वातंत्र्य समर - 271

प्रकरण-4


1303 of 2102

उन मंदिरों का देवता, उन भवनों का मालिक योद्धा कुंवर सिंह इस लड़ाई के पहले जितना अजित था उतना ही लड़ाई के बाद भी अजित ही था। राजधानी जाते ही अन्य राजा भले हार जाते हों, पर इस जगदीशपुर के महल की बात वैसी नहीं थी। वहां वह वहां उसका जगदीशपुर-ऐसी उसकी प्रतिज्ञा होने से उसे पकड़े बिना केवल जगदीशपुर पकड़कर बैठना व्यर्थ था। उसने घर खोया, पर रणांगण ही उसका घर हो गया।


1857 का स्वातंत्र्य समर - 271

प्रकरण-4


1303 of 2102