उŸार भारत के आवाजाही के सारे रास्ते, तार, रेल, डाक नष्ट कर देना दिल्ली में कैद अंगे्रजी सेना को ज्ञात नहीं थे। सर हो व्हीलर का सिर कानपुर में उसके धड़ से अलग हुए एक माह बीत जाने पर दिल्ली के कैंप मंें अंगे्रजों को विश्वसनीय समाचार मिला कि सर हो व्हीलर गोरी सेना के साथ उनकी सहायता को दौड़ता आ रहा है। कलकŸाा की ओर से आनेवाली सहायता की निराशा हो जाने से दिल्ली के अंगे्रजों का सारा बोझ पंजाब पर पड़ा था और
उŸार भारत के आवाजाही के सारे रास्ते, तार, रेल, डाक नष्ट कर देना दिल्ली में कैद अंगे्रजी सेना को ज्ञात नहीं थे। सर हो व्हीलर का सिर कानपुर में उसके धड़ से अलग हुए एक माह बीत जाने पर दिल्ली के कैंप मंें अंगे्रजों को विश्वसनीय समाचार मिला कि सर हो व्हीलर गोरी सेना के साथ उनकी सहायता को दौड़ता आ रहा है। कलकŸाा की ओर से आनेवाली सहायता की निराशा हो जाने से दिल्ली के अंगे्रजों का सारा बोझ पंजाब पर पड़ा था और