पर से घुसने लगी। लेफ्टिनेंट सालकेल्ड गोली लगकर गिर पड़ा, कारपोरल तू आगे घुस-तुझे भी गोली लगी? पर कुछ परवाह नहीं। मरते-मरते शूरों ने चिंगारी तो डाल ही दी। धड़ाड़, धड़ाड़, धड़ाड़? कश्मीरी दरवाजा खुलने की राह देखते अंगे्रजी सेनापति को उस भयानक युद्ध की मारा-मारी के घन गर्जन मंे वह आवाज साफ सुनाई नहीं पड़ा। परंतु वे आगे बढ़े? पर कयों न बढ़े? यद्यपि विजय का घंटा मुझे सुनाई नहीं दी। फिर वह आगे बढ़े अंगे्रजी वीर! वे असफल हुए होंगे,
पर से घुसने लगी। लेफ्टिनेंट सालकेल्ड गोली लगकर गिर पड़ा, कारपोरल तू आगे घुस-तुझे भी गोली लगी? पर कुछ परवाह नहीं। मरते-मरते शूरों ने चिंगारी तो डाल ही दी। धड़ाड़, धड़ाड़, धड़ाड़? कश्मीरी दरवाजा खुलने की राह देखते अंगे्रजी सेनापति को उस भयानक युद्ध की मारा-मारी के घन गर्जन मंे वह आवाज साफ सुनाई नहीं पड़ा। परंतु वे आगे बढ़े? पर कयों न बढ़े? यद्यपि विजय का घंटा मुझे सुनाई नहीं दी। फिर वह आगे बढ़े अंगे्रजी वीर! वे असफल हुए होंगे,