1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

मकबरे में ही छिपे बैठे हैं।’’ फिर हडसन दौड़ा गया। शहजादों ने समपर्ण किया और उन्हें वह गाड़ी में बैठाकर दिल्ली की ओर ले चला। शहर में पैर रखते ही हडसन शहजादों की गाड़ी के पास दौड़कर पहुंचा और चिल्लाकर बोला, ‘‘अंगे्रजों की महिलाओं, बच्चों का वध करनेवालों को मृत्युदंड ही दिया जाना चाहिए।’’ कांपते हुए वे गाड़ी से नीचे खीचें गए, उनके शरीर के सारे वस्त्र उतार लिये गए और हडसन ने उन शरणागत शहजादों की ओर से अपना


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मकबरे में ही छिपे बैठे हैं।’’ फिर हडसन दौड़ा गया। शहजादों ने समपर्ण किया और उन्हें वह गाड़ी में बैठाकर दिल्ली की ओर ले चला। शहर में पैर रखते ही हडसन शहजादों की गाड़ी के पास दौड़कर पहुंचा और चिल्लाकर बोला, ‘‘अंगे्रजों की महिलाओं, बच्चों का वध करनेवालों को मृत्युदंड ही दिया जाना चाहिए।’’ कांपते हुए वे गाड़ी से नीचे खीचें गए, उनके शरीर के सारे वस्त्र उतार लिये गए और हडसन ने उन शरणागत शहजादों की ओर से अपना


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