का जो हाल किया वह हृदयद्रावक है। शत्रु और मित्र का भेद न करते हुए सरेआम बदला लिया जा रहा है। लूट में तो हमने नादिरशाह को भी मात दे दी।’’
यूरोपियन और नेटिव सिपाहियों सहित दिल्ली के घेरे में लगी अंगे्रजों की सेना
1857 का स्वातंत्र्य समर - 282
दस हजार ततक हो गई थी और उसमें से मृत्यु-मुख में पड़े और घायल पड़े कोई चार हजार लोग इस युद्ध में काम आए। क्रिमियन वार जैसे प्रचंड युद्ध में भी जनहानि का इतना
का जो हाल किया वह हृदयद्रावक है। शत्रु और मित्र का भेद न करते हुए सरेआम बदला लिया जा रहा है। लूट में तो हमने नादिरशाह को भी मात दे दी।’’
यूरोपियन और नेटिव सिपाहियों सहित दिल्ली के घेरे में लगी अंगे्रजों की सेना
1857 का स्वातंत्र्य समर - 282
दस हजार ततक हो गई थी और उसमें से मृत्यु-मुख में पड़े और घायल पड़े कोई चार हजार लोग इस युद्ध में काम आए। क्रिमियन वार जैसे प्रचंड युद्ध में भी जनहानि का इतना