1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

संघर्ष तŸवनिष्ठा को शोभा देनेवाला था । अपनी दीवार पर गढ़ा फिरंगी निशान फेंककर अपने निशान की घोषणा जिस दिन की गई, गुलामी का मायाजाल फाड़कर स्वतंत्रता प्राप्ति के साहसी अभियान पर जिस दिन दिल्ली बढ़ी, सारे हिंदुस्थान के नाम से स्वधर्म प्रतिष्ठा के साहसी अभियान ध्वज गाड़कर उस विस्तीर्ण देश की एकता की संवेदना का दिल्ली ने जिस दिन प्रथमोच्चार किया, उस दिन से बहादुरशाह के राजमहल में अंगे्रजी तलवार ने, अंतिम स्वदेशी


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संघर्ष तŸवनिष्ठा को शोभा देनेवाला था । अपनी दीवार पर गढ़ा फिरंगी निशान फेंककर अपने निशान की घोषणा जिस दिन की गई, गुलामी का मायाजाल फाड़कर स्वतंत्रता प्राप्ति के साहसी अभियान पर जिस दिन दिल्ली बढ़ी, सारे हिंदुस्थान के नाम से स्वधर्म प्रतिष्ठा के साहसी अभियान ध्वज गाड़कर उस विस्तीर्ण देश की एकता की संवेदना का दिल्ली ने जिस दिन प्रथमोच्चार किया, उस दिन से बहादुरशाह के राजमहल में अंगे्रजी तलवार ने, अंतिम स्वदेशी


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